James Webb Telescope: 18 सोने के आईने, 5 परतों वाली छतरी और 10 अरब डॉलर का सफर – जानिये पूरी कहानी

James Webb Telescope

James Webb Telescope: 18 सोने के आईने, 5 परतों वाली छतरी और 10 अरब डॉलर का सफर – जानिये पूरी कहानी

आसमान को टकटकी लगाकर देखना हमेशा से इंसान का शौक रहा है। लेकिन क्या हो अगर आप इतना शक्तिशाली टेलीस्कोप बना दें कि वो बिग बैंग के बाद बनी पहली आकाशगंगाओं को भी देख सके? यही सपना लेकर निकली थी NASA की James Webb Telescope (JWST) की 10 अरब डॉलर की यात्रा। आइए, इस अद्भुत यात्रा की पूरी कहानी को आसान हिंदी में समझते हैं।

जब आप साधारण दूरबीन से देखते हैं, तो एक ही शीशा होता है। लेकिन जेम्स वेब(James Webb Telescope) को स्पेस में भेजने से पहले, वैज्ञानिकों के सामने एक बड़ी मुश्किल थी – इतना बड़ा आईना रॉकेट में फिट नहीं होगा।

18 सोने के आईने: क्यों और कैसे?

उन्होंने 18 हेक्सागोनल (छह भुजा वाले) टुकड़ों में बंटा एक आईना बनाया। ये हर टुकड़ा बेरिलियम धातु से बना है, जो बेहद हल्का और मजबूत होता है। ऊपर से सोने की बेहद पतली परत (100 नैनोमीटर) चढ़ी है ताकि इंफ्रारेड किरणों को अच्छे से रिफ्लेक्ट किया जा सके।

मजेदार तथ्य: अगर आप सोच रहे हैं कि सोना महंगा न हो जाए, तो बता दें कि इसमें लगा कुल सोना सिर्फ 48 ग्राम (लगभग एक गोल्ड कॉइन के बराबर) है।

5 परतों वाली छतरी: सनस्क्रीन से भी जरूरी

अब आप सोचेंगे, आईना तो ठीक है, पर ये 5 परतों वाली छतरी क्या है? दरअसल, जेम्स वेब इंफ्रारेड यानी गर्मी को देखता है। समस्या ये है कि सूरज की गर्मी इसकी अपनी गर्मी पैदा कर देगी, जिससे ये कुछ भी साफ नहीं देख पाएगा।

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इसलिए वैज्ञानिकों ने एक सनस्क्रीन लगाई, जो टेनिस कोर्ट के आकार (21 मीटर x 14 मीटर) की है, लेकिन मोटाई में रेजर से भी पतली। इसमें 5 परतें हैं:

  • परत 1 और 2: सबसे मोटी, सूरज की ज्यादातर गर्मी को रोकती है।
  • परत 3, 4 और 5: बारीक परतें, जो शेष गर्मी को वापस स्पेस में रिफ्लेक्ट करती हैं।

कमाल की बात: ये छतरी सूरज वाली साइड पर +110°C तापमान सहन करती है, जबकि दूसरी तरफ दूरबीन का तापमान -233°C पर बना रहता है। यानी एक तरफ उबलता पानी, दूसरी तरफ सूखी बर्फ।

10 अरब डॉलर का सफर: कितना खर्च और क्यों?

जब आप “10 अरब डॉलर” सुनते हैं, तो लगता है – इतना पैसा कहाँ लग गया? आइए समझते हैं:

  • विकास में 25 साल लग गए। हबल के बाद इसे(James Webb Telescope) बनाने में अतिरिक्त तकनीक (जैसे क्रायोजेनिक टेस्टिंग) लगी।
  • स्पेस में रिपेयर का कोई ऑप्शन नहीं है: हबल को शटल से ठीक किया जा सकता था, लेकिन जेम्स वेब पृथ्वी से 15 लाख किलोमीटर दूर है। वहाँ कोई नहीं जा सकता। इसलिए, हर पार्ट को पहले से 100% सटीक बनाना पड़ा।
  • लांचिंग का खर्च: इसे एरियन-5 रॉकेट से भेजा गया, जो अपने आप में एक बेहद सटीक मिशन था।
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3D rendering of the James Webb Space Telescope, showing the primary mirror and multi-layered sun shield.

सच्चाई ये है कि 10 अरब डॉलर में 25 साल के 20,000 से अधिक इंजीनियरों, वैज्ञानिकों का वेतन, मटेरियल, टेस्टिंग और लॉन्चिंग सब कुछ आ जाता है।

असली कहानी: James Webb Telescope क्यों आज भी ये धरती से 15 लाख KM दूर है?

25 दिसंबर 2021 को जेम्स वेब ने उड़ान भरी। इसे L2 (लैग्रेंज प्वाइंट 2) नामक जगह पर रखा गया, जो पृथ्वी से चंद्रमा की दूरी से 4 गुना दूर है।

पहले महीने सबसे डरावने थे – क्योंकि 344 चीजें थीं जो अगर एक भी फेल होती, तो पूरा टेलीस्कॉप(James Webb Telescope) बेकार हो जाता। (जैसे छतरी खुलना, आईने का सही जगह पर आना)।

लेकिन ये कमाल का निकला। सब कुछ सही से हुआ।

James Webb Telescope को अब तक क्या मिला है?

  1. सबसे पुरानी आकाशगंगा: जेम्स वेब ने बिग बैंग के महज 2-3 सौ मिलियन साल बाद बनी आकाशगंगाओं को देख लिया है।
  2. एक्सोप्लैनेट का मौसम: वैज्ञानिकों ने दूसरे ग्रहों (जैसे WASP-39b) के बादलों और मौसम का नक्शा बनाया है।
  3. तारों का जन्म: अब तक सिर्फ धुंधले नीहारिका दिखते थे, लेकिन जेम्स वेब ने तारों को बनते हुए (धूल के बादलों के अंदर) क्लियर दिखा दिया है।
  1. 1. क्या जेम्स वेब टेलीस्कोप(James Webb Telescope) हबल से बेहतर है?

    जी हाँ, कई मामलों में। हबल दिखने वाली रोशनी (visible light) और थोड़ी इन्फ्रारेड देखता है। वहीं जेम्स वेब पूरी तरह से इन्फ्रारेड स्पेक्ट्रम में काम करता है – यानी यह धूल के बादलों के पार देख सकता है, जहाँ हबल अंधा है। साथ ही, वेब का दर्पण (6.5 मीटर) हबल (2.4 मीटर) से कहीं बड़ा है, इसलिए यह ज्यादा धुंधली और दूर की चीज़ें देख सकता है।

    2. जेम्स वेब टेलीस्कोप(James Webb Telescope) कहाँ स्थित है?
    यह धरती से लगभग 15 लाख किलोमीटर दूर, L2 (लैग्रेंज प्वाइंट 2) नामक जगह पर मौजूद है। इसे सुनने में बहुत दूर लगता है, लेकिन यह चाँद से चार गुना ज्यादा दूर है। इसी प्वाइंट पर सूर्य और पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण संतुलित रहता है। यहाँ से टेलीस्कोप बिना ज्यादा ईंधन खर्च किए एक ही जगह पर टिका रह सकता है।

    3. जेम्स वेब टेलीस्कोप(James Webb Telescope) कितने साल चलेगा?
    इसे कम से कम 5 साल चलाने के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन लॉन्च के समय इतना सटीक रखा गया कि अब अनुमान है कि यह 10 से 20 साल तक आसानी से काम कर सकता है। इसकी उम्र इस बात पर निर्भर करती है कि इसमें कितना ईंधन बचता है – क्योंकि एक बार ईंधन खत्म हो जाए, तो इसे सही जगह पर नहीं रखा जा सकता।

    4. क्या जेम्स वेब टेलीस्कोप(James Webb Telescope) हमारे सोलर सिस्टम की तस्वीरें ले सकता है?
    बिल्कुल ले सकता है! इसने हमारे बृहस्पति (Jupiter) और शनि (Saturn) की बेहद साफ तस्वीरें भेजी हैं। यह मंगल ग्रह, बृहस्पति के चाँद यूरोपा और शनि के चाँद एनसेलाडस का भी अध्ययन करेगा – खासतौर पर यह देखने के लिए कि क्या उनकी बर्फ के नीचे समुद्र है।

    5. क्या जेम्स वेब टेलीस्कोप(James Webb Telescope) एलियन (alien life) ढूंढ सकता है?
    सीधे तौर पर नहीं, लेकिन बहुत करीब। यानी जेम्स वेब किसी दूर के ग्रह (exoplanet) पर ग्रीन कलर का जीव नहीं देखेगा। हालाँकि, यह उस ग्रह के वायुमंडल का विश्लेषण कर सकता है। अगर उसके हवा में ऐसे गैसों के निशान मिलते हैं जो सिर्फ जीवाणु या पेड़-पौधे पैदा कर सकते हैं (जैसे मीथेन, ऑक्सीजन), तो यह एक बड़ा संकेत होगा।

    6. जेम्स वेब टेलीस्कोप(James Webb Telescope) को ठंडा क्यों रखना पड़ता है?
    क्योंकि यह इन्फ्रारेड (गर्मी) को देखता है। अगर टेलीस्कोप थोड़ा भी गर्म होगा, तो वह खुद की ही गर्मी देखने लगेगा। ठीक वैसे जैसे आप सूरज के नीचे खड़े होकर अंधेरे कमरे में देखने की कोशिश करें – कुछ नहीं दिखेगा। इसीलिए वेब के उपकरण -234°C से भी कम तापमान पर रखे जाते हैं।

    7. क्या जेम्स वेब टेलीस्कोप की फोटो असली रंगों में होती हैं?
    नहीं, ये असली रंग नहीं होते। जेम्स वेब इन्फ्रारेड में देखता है, जो मानव आँख से दिखाई नहीं देती। फिर वैज्ञानिक इन तस्वीरों को प्रोसेस करके दिखने वाली रंगों में बदलते हैं। तो जो फोटो आप देखते हैं, वह एक तरह का कलात्मक अनुवाद होता है – ताकि हम समझ सकें कि वहाँ क्या हो रहा है।

    8. जेम्स वेब टेलीस्कोप(James Webb Telescope) ने अब तक कौन सी सबसे अहम खोज की है?
    अभी तक कई हैं, लेकिन शायद सबसे बड़ी यह कि इसने बिग बैंग के महज़ 2-3 करोड़ साल बाद बनी आकाशगंगाओं को देख लिया है। इससे पहले वैज्ञानिक सोचते थे कि इतनी जल्दी बड़ी आकाशगंगाएँ नहीं बन सकतीं। अब पता चला है – ब्रह्मांड हमारी सोच से कहीं ज्यादा तेज़ी से बना।

    9. क्या आम आदमी देख सकता है जेम्स वेब की लाइव फोटो?
    हाँ, बिल्कुल! NASA की आधिकारिक वेबसाइट पर JWST की तस्वीरें फ्री में उपलब्ध हैं। आप बिना किसी लाइसेंस के उन्हें देख सकते हैं, डाउनलोड कर सकते हैं और शेयर कर सकते हैं। ये सार्वजनिक हैं। बस याद रखें – ये तस्वीरें प्रोसेस्ड हैं, लेकिन बेहद खूबसूरत हैं।

    10. क्या जेम्स वेब को रिपेयर किया जा सकता है जैसे हबल को किया गया?
    नहीं, बिल्कुल नहीं। हबल तो धरती के करीब था, जहाँ एस्ट्रोनॉट्स ने उसकी मरम्मत की थी। लेकिन जेम्स वेब इतना दूर है कि कोई मानव या रोबोट वहाँ नहीं पहुँच सकता। इसलिए इसे एक बार लॉन्च किया और अब अगर कुछ ख़राब हुआ तो वह हमेशा के लिए ख़राब रहेगा। यही कारण है कि इसका परीक्षण सबसे सख्ती से किया गया।

    11. जेम्स वेब टेलीस्कोप कितनी तेजी से डेटा भेजता है?
    यह हर दिन लगभग 57 गीगाबाइट डेटा पृथ्वी पर भेजता है। यह उतना ही है जितना कि आप 10-12 घंटे की 4K फिल्म देखें। हालाँकि, यह डेटा धीरे-धीरे भेजा जाता है – क्योंकि सिग्नल को 15 लाख किलोमीटर तय करके आना होता है।

    12. जेम्स वेब(James Webb Telescope) में सोने का इस्तेमाल क्यों हुआ?
    सोना इसलिए इस्तेमाल किया गया क्योंकि यह इन्फ्रारेड रोशनी को बहुत अच्छे से परावर्तित (reflect) करता है। इसके दर्पणों पर केवल 48 ग्राम सोने की परत चढ़ी है – यानी एक छोटी अंगूठी के बराबर। बाकी दर्पण बेरिलियम नामक धातु से बने हैं जो हल्की और मजबूत होती है।

    13. क्या जेम्स वेब(James Webb Telescope) ब्लैक होल देख सकता है?
    ब्लैक होल को सीधे नहीं देखा जा सकता, क्योंकि वह रोशनी को अंदर खींच लेता है। लेकिन जेम्स वेब उसके आसपास के गैस और धूल के बादलों को देख सकता है। जब एक ब्लैक होल पास की चीज़ों को खाता है, तो बहुत गर्मी और रोशनी पैदा होती है – जेम्स वेब उस गर्मी को पकड़ लेता है।

    14. जेम्स वेब टेलीस्कोप किसने बनाया?
    इसे NASA (अमेरिका) ने बनाया, लेकिन इसमें ESA (यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी) और CSA (कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी) का भी बड़ा योगदान है। यूरोप ने रॉकेट (Ariane 5) दिया, कनाडा ने एक कैमरा (FGS/NIRISS) दिया, और अमेरिका ने बाकी सब कुछ।

    15. क्या जेम्स वेब टेलीस्कोप देख सकता है कि ब्रह्मांड का अंत कैसे होगा?
    नहीं, ऐसा नहीं है। जेम्स वेब तो अतीत देखने के लिए बना है – लाखों-अरबों साल पहले की चीज़ें। भविष्य नहीं दिखा सकता। बल्कि, यह समझने में मदद करेगा कि ब्रह्मांड की शुरुआत कैसे हुई, लेकिन यह कोई ज्योतिषी या भविष्यवक्ता नहीं है।


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